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संविधान संशोधन

Amendments to the Constitution of India

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SANGOPANG ज्ञानकोष

भारतीय संविधान के प्रमुख संशोधन, क्रम से: कब हुए, क्या बदला और क्यों जरूरी थे. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए खास उपयोगी.

पहला संविधान संशोधन1st Amendment of the Constitution of India
संविधान में पहला संशोधन 1951 में किया गया.
दूसरा संविधान संशोधन2nd Amendment of the Constitution of India
संविधान में दूसरा संशोधन 1952 में किया गया.
तीसरा संविधान संशोधन3rd Amendment of the Constitution of India
1954 में संविधान में तीसरा संशोधन किया गया.
चौथा संविधान संशोधन4th Amendment of the Constitution of India
संविधान में चौथी बार 1955 में किए गए इस संशोधन के तहत अगर सरकार (राज्य) किसी व्यक्ति की संपत्ति अपने हाथ में ले लेती है तो न्यायालय में इसकी मांग नहीं कर सकता या यूं कि इसकी क्षतिपूर्ति के संबंध में न्यायालय विचार नहीं करेगा.
छठा संविधान संशोधन6th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1956 में किए गए इस संशोधन के तहत सातवीं अनुसूची की संघ सूची में परिवर्तन किया गया.
सातवां संविधान संशोधन7th Amendment of the Constitution of India
संविधान में सातवां संशोधन 1956 में ही किया गया.
आठवां संविधान संशोधन8th Amendment of the Constitution of India
आरक्षण संबंधी प्रस्ताव को लेकर संविधान में 1959 में आठवां संशोधन किया गया.
नौवां संविधान संशोधन9th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1960 में किए गए नौवें संशोधन के अनुसार पहली अनुसूची को बदला गया.
दसवां संविधान संशोधन10th Amendment of the Constitution of India
1961 में किए गए दसवें संशोधन के तहत पूर्व पुर्तगाली क्षेत्रों दादरा और नगर हवेली को भारत में शामिल कर उन्हें केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया.
ग्यारहवां संविधान संशोधन11th Amendment of the Constitution of India
1961 में किए गए इस संशोधन से उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन की जरूरत खत्म कर दी गई.
बारहवां संविधान संशोधन12th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1962 में किए गए इस संशोधन के तहत संविधान की पहली अनुसूची को संशोधित कर गोवा, दमण व दीव को भारत में केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शामिल कर लिया गया.
तेरहवां संविधान संशोधन13th Amendment of the Constitution of India
1962 में किए गए तेरहवें संशोधन में नगालैंड के संबंध में विशेष प्रावधान अपनाकर उसे राज्य का दर्जा दिया गया.
चौदहवां संविधान संशोधन14th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1962 में किए गए चौदहवें संशोधन द्वारा केन्द्र शासित प्रदेश के रूप में पुद्दुचेरी को भारत में शामिल किया गया.
पंद्रहवां संविधान संशोधन15th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1963 में किए गए पन्द्रहवें संशोधन के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवामुक्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई.
सोलहवां संविधान संशोधन16th Amendment of the Constitution of India
1963 में किए गए इस संशोधन के द्वारा देश की संप्रभुता व अखंडता के हित में मूल अधिकारों पर कुछ प्रतिबंध लगाने के प्रावधान किए गए.
सत्रहवां संविधान संशोधन17th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1964 में किए गए सत्रहवें संशोधन में संपत्ति के अधिकारों में और संशोधन कर भूमि सुधार प्रावधानों को नवीं अनुसूची में रखा गया, जिनकी वैधता की परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय नहीं कर सकता था.
अठारहवां संविधान संशोधन18th Amendment of the Constitution of India
1966 में किए गए इस संशोधन से स्पष्ट किया गया कि नया राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बनाने की संसद की शक्ति में किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के हिस्सों को मिलाकर नई इकाई बनाना भी शामिल है.
उन्नीसवां संविधान संशोधन19th Amendment of the Constitution of India
1966 में किए गए उन्नीसवें संशोधन के अंतर्गत चुनाव आयोग के अधिकारों में परिवर्तन कर उच्च न्यायालयों को चुनाव याचिकाएं सुनने का अधिकार दिया गया.
बीसवां संविधान संशोधन20th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1966 में किए गए इस बीसवें संशोधन के तहत अनियमितता के आधार पर नियुक्त कुछ न्यायाधीशों की नियुक्ति, पदस्थापना, पदोन्नति व स्थानांतरण को वैधता दी गई.
इक्कीसवां संविधान संशोधन21st Amendment of the Constitution of India
1967 में किए गए इस संशोधन से सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनूसूची के अंतर्गत पन्द्रहवीं भाषा के रूप में शामिल किया गया.
बाईसवां संविधान संशोधन22nd Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1969 में किए गए बाइसवें संशोधन में असम राज्य के भीतर मेघालय को स्वायत्त राज्य बनाने का प्रावधान किया गया.
तेईसवां संविधान संशोधन23rd Amendment of the Constitution of India
1969 में किए गए तेइसवें संशोधन के अंतर्गत विधान पालिकाओं में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के आरक्षण व आंग्ल-भारतीय समुदाय के लोगों का मनोनयन और दस वर्षों के लिये बढ़ाया गया.
चौबीसवां संविधान संशोधन24th Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1971 में किए गए चौबीसवें संशोधन के अंतर्गत संसद के अधिकार स्पष्ट किए गए कि वह संविधान के किसी भी भाग को संशोधित कर सकती है.
छब्बीसवां संविधान संशोधन26th Amendment of the Constitution of India
1971 में किए गए इस संशोधन में पूर्व देशी रियासतों के शासकों के प्रिवी पर्स (राजभत्ता) और विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए.
सत्ताईसवां संविधान संशोधन27th Amendment of the Constitution of India
1971 में ही किए गए इस संशोधन के अंतर्गत मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश केन्द्र शासित प्रदेश बना दिए गए.
उनतीसवां संविधान संशोधन29th Amendment of the Constitution of India
संविधान में उनतीसवें संशोधन के रूप में 1972 में केरल भू-सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1969 तथा केरल भू-सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1971 को संविधान की नवीं अनुसूची में रख दिया गया, ताकि इसकी संवैधानिक वैधता को न्यायालय में चुनौती न दी जा सके.
इकतीसवां संविधान संशोधन31st Amendment of the Constitution of India
1973 में किए गए इस संशोधन से लोकसभा सदस्यों की संख्या 525 से 545 कर दी गई तथा केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व 25 से घटाकर 20 कर दिया गया.
तैंतीसवां संविधान संशोधन33rd Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1974 में किए गए तैंतीसवें संशोधन से संसद व विधान पालिकाओं के सदस्यों का दबाव में या जबरदस्ती इस्तीफा दिलाना अवैध घोषित किया गया.
चौंतीसवां संविधान संशोधन34th Amendment of the Constitution of India
1974 में हुए इस संशोधन में विभिन्न राज्यों द्वारा पारित बीस भू-सुधार अधिनियमों को नवीं अनुसूची में प्रवेश देकर उन्हें न्यायालय में संवैधानिक वैधता के परीक्षण से मुक्त किया गया.
पैंतीसवां संविधान संशोधन35th Amendment of the Constitution of India
1974 के संशोधन के अनुसार सिक्किम का संरक्षित राज्यों का दर्जा समाप्त कर उसे सम्बद्ध राज्य के रूप में भारत में शामिल किया गया.
अड़तीसवां संविधान संशोधन38th Amendment of the Constitution of India
1975 में किए गए अड़तीसवें संशोधन में आपात स्थिति की घोषणा और राष्ट्रपति, राज्यपाल व केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक प्रधानों द्वारा अध्यादेश जारी करने को अविवादित बनाकर न्यायिक पुनर्विचार से मुक्त रखा गया.
उनतालीसवां संविधान संशोधन39th Amendment of the Constitution of India
1975 में किए गए इस संशोधन में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व लोकसभाध्यक्ष के निर्वाचन संबंधी विवादों को न्यायिक परीक्षण से मुक्त कर दिया गया.
इकतालीसवां संविधान संशोधन41st Amendment of the Constitution of India
1976 में किए गए इस संशोधन से राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की सेवा मुक्ति की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई लेकिन संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों की सेवानिवृत्ति की अधिकतम आयु 65 वर्ष रहने दी गई.
बयालीसवां संविधान संशोधन42nd Amendment of the Constitution of India
संविधान में 1976 में किए गए बयालीसवें संशोधन से व्यापक परिवर्तन लाए गए, जिनमें से मुख्य निम्नलिखित थे- (क) संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी’, 'धर्मनिरपेक्ष’ व 'एकता’ और 'अखंडता’ आदि शब्द जोड़े गए.
चवालीसवां संविधान संशोधन44th Amendment of the Constitution of India
राष्ट्रीय आपात स्थिति लागू करने के लिये 'आंतरिक अशांति’ के स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह’ को आधार रखकर आपात स्थिति संबंधी अन्य प्रावधानों में परिवर्तन किया गया ताकि उनका दुरुपयोग न हो.
पचासवां संविधान संशोधन50th Amendment of the Constitution of India
अनुच्छेद 33 में संशोधन कर सैन्य सेवाओं की पूरक सेवाओं में कार्य करने वालों के लिये आवश्यक सूचनाएं एकत्रित करने, देश की संपत्ति की रक्षा करने और कानून तथा व्यवस्था से संबंधित दायित्व भी दिये गए.
बावनवां संविधान संशोधन52nd Amendment of the Constitution of India
राजनीतिक दल-बदल पर अंकुश लगाने का लक्ष्य रखकर 1985 में यह संशोधन किया गया.
तिरपनवां संविधान संशोधन53rd Amendment of the Constitution of India
1986 में किए गए इस संशोधन में अनुच्छेद 371 में खंड 'जी’ जोड़कर मिजोरम को राज्य का दर्जा दिया गया.
चौवनवां संविधान संशोधन54th Amendment of the Constitution of India
इस संशोधन से दूसरी अनुसूची के भाग 'डी’ में न्यायाधीशों की वेतन वृद्धि का अधिकार संसद को दिया गया.
छप्पनवां संविधान संशोधन56th Amendment of the Constitution of India
1987 में किए गए इस संशोधन में गोवा को राज्य का दर्जा दिया गया.
सत्तावनवां संविधान संशोधन57th Amendment of the Constitution of India
अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण के संबंध में मेघालय, मिजोरम, नगालैंड व अरूणाचल प्रदेश की विधानसभा सीटों का परिसीमन शताब्दी के अंत तक करने को लेकर 1987 में यह संशोधन किया गया.
अट्ठावनवां संविधान संशोधन58th Amendment of the Constitution of India
1987 में संविधान का प्रामाणिक हिन्दी संस्करण प्रकाशित करने के लिये राष्ट्रपति को अधिकृत किया गया.
साठवां संविधान संशोधन60th Amendment of the Constitution of India
व्यवसाय कर की सीमा 250 से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 1988 में किए गए इस संशोधन में की गई.
इकसठवां संविधान संशोधन61st Amendment of the Constitution of India
1989 में किए गए इस संशोधन में मतदान के लिये आयु सीमा 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई.
पैंसठवां संविधान संशोधन65th Amendment of the Constitution of India
1990 में अनुच्छेद 338 में संशोधन कर अनुसूचित जाति तथा जनजाति आयोग के गठन की व्यवस्था की गई.
उनहत्तरवां संविधान संशोधन69th Amendment of the Constitution of India
1991 में संविधान में संशोधन कर दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बनाया गया.
सत्तरवां संविधान संशोधन70th Amendment of the Constitution of India
1992 किए गए इस संशोधन में दिल्ली और पुड्डुचेरी संघ राज्य क्षेत्रों को विधानसभाओं के सदस्यों को राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में सम्मिलित किया गया.
इकहत्तरवां संविधान संशोधन71st Amendment of the Constitution of India
1992 में संविधान में संशोधन कर आठवीं अनुसूची में कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषा को सम्मिलित किया गया.
तिहत्तरवां संविधान संशोधन73rd Amendment of the Constitution of India
1992-93 में किए गए इस संविधान संशोधन में ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई.
चौहत्तरवां संविधान संशोधन74th Amendment of the Constitution of India
संविधान में बारहवीं अनुसूची शामिल की गई, जिसमें नगरपालिका, नगर निगम और नगर परिषदों से संबंधित प्रावधान किये गये हैं.
छिहत्तरवां संविधान संशोधन76th Amendment of the Constitution of India
1994 में इस संशोधन अधिनियम से संविधान की नवीं अनुसूची में संशोधन किया गया.
अठहत्तरवां संविधान संशोधन78th Amendment of the Constitution of India
1995 में इस संशोधन से नवीं अनुसूची में विभिन्न राज्यों द्वारा पारित 27 भूमि सुधार विधियों को शामिल किया गया.
उन्यासीवां संविधान संशोधन79th Amendment of the Constitution of India
अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षण की अवधि 25 जनवरी 2010 तक 1999 में किए गए इस संशोधन से बढ़ाई गई.
बयासीवां संविधान संशोधन82nd Amendment of the Constitution of India
वर्ष 2000 में यह संशोधन किया गया.
तिरासीवां संविधान संशोधन83rd Amendment of the Constitution of India
पंचायतीराज संस्थाओं में अनुसूचित जाति के लिये आरक्षण का प्रावधान न करने की छूट दी गई.
चौरासीवां संविधान संशोधन84th Amendment of the Constitution of India
2001 में किए गए इस संशोधन अधिनियम से लोकसभा तथा विधानसभाओं की सीटों की संख्या में वर्ष 2026 तक कोई परिवर्तन न करने का प्रावधान किया गया है.
पचासीवां संविधान संशोधन85th Amendment of the Constitution of India
सरकारी सेवाओं में अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों के लिये पदोन्नतियों में आरक्षण की व्यवस्था 2001 में संविधान के इस पचासीवें संशोधन में की गई.
छियासीवां संविधान संशोधन86th Amendment of the Constitution of India
2002 में इस संशोधन अधिनियम से देश के 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य व निशुल्क शिक्षा को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता देने संबंधी प्रावधान किया गया है.
सत्तासीवां संविधान संशोधन87th Amendment of the Constitution of India
परिसीमन में जनसंख्या का आधार 1991 की जनगणना के स्थान पर 2003 में इस संशोधन के माध्यम से किया गया.
नवासीवां संविधान संशोधन89th Amendment of the Constitution of India
अनुसूचित जनजाति के लिये अलग राष्ट्रीय आयोग की स्थापना की व्यवस्था इस संशोधन से की गई.
नब्बेवां संविधान संशोधन90th Amendment of the Constitution of India
2003 में इस संशोधन से असम विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों और गैर अनुसूचित जनजातियों का प्रतिनिधित्व बरकरार रखते हुए बोडोलैंड, टेरीटोरियल कौंसिल क्षेत्र, गैर जनजाति के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की गई.
इक्यानवेवां संविधान संशोधन91st Amendment of the Constitution of India
2003 में दल बदल व्यवस्था में एक बार फिर संशोधन किया गया.
बानवेवां संविधान संशोधन92nd Amendment of the Constitution of India
संविधान की आठवीं अनुसूची में 2003 में इस संशोधन से बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं का समावेश किया गया.
तिरानवेवां संविधान संशोधन93rd Amendment of the Constitution of India
शिक्षा संस्थाओं में अनुसूचित जाति/जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के दाखिले के लिये सीटों के आरक्षण की व्यवस्था इस संशोधन से 2005 में संविधान के अनुच्छेद 15 में नया खंड (5) जोड़कर की गई.

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🛡️ SANGOPANG ज्ञानकोष · संपादकीय समीक्षा: अक्टूबर 2026
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