1961 में किए गए इस संशोधन से उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन की जरूरत खत्म कर दी गई.
वर्ष1961
विस्तार
अब उपराष्ट्रपति का चुनाव दोनों सदनों के सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल से होता है. साथ ही यह तय किया गया कि निर्वाचक मंडल में कोई पद खाली होने के आधार पर राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के चुनाव को चुनौती नहीं दी जा सकती.
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बारहवां संविधान संशोधनसंविधान में 1962 में किए गए इस संशोधन के तहत संविधान की पहली अनुसूची को संशोधित कर गोवा, दमण व दीव को भारत में केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शामिल कर लिया गया.दसवां संविधान संशोधन1961 में किए गए दसवें संशोधन के तहत पूर्व पुर्तगाली क्षेत्रों दादरा और नगर हवेली को भारत में शामिल कर उन्हें केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया.तेरहवां संविधान संशोधन1962 में किए गए तेरहवें संशोधन में नगालैंड के संबंध में विशेष प्रावधान अपनाकर उसे राज्य का दर्जा दिया गया.नौवां संविधान संशोधनसंविधान में 1960 में किए गए नौवें संशोधन के अनुसार पहली अनुसूची को बदला गया.
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