राजनीतिक दल-बदल पर अंकुश लगाने का लक्ष्य रखकर 1985 में यह संशोधन किया गया.
वर्ष1985
विस्तार
इसमें उल्लेख था कि संसद या विधान मंडलों के उन सदस्यों को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा, जो उस दल को छोड़ते हैं जिसके चुनाव चिन्ह पर उन्होंने चुनाव लड़ा था. यदि किसी दल की संसदीय पार्टी के एक-तिहाई सदस्य अलग दल बनाना चाहते हैं तो उन पर अयोग्यता लागू नहीं होगी.
दल-बदल विरोधी इन प्रावधानों को संविधान की दसवीं अनुसूची में रखा गया.
दूसरे नाम और खोज-शब्द
जुड़े विषय
तिरपनवां संविधान संशोधन1986 में किए गए इस संशोधन में अनुच्छेद 371 में खंड 'जी’ जोड़कर मिजोरम को राज्य का दर्जा दिया गया.पचासवां संविधान संशोधनअनुच्छेद 33 में संशोधन कर सैन्य सेवाओं की पूरक सेवाओं में कार्य करने वालों के लिये आवश्यक सूचनाएं एकत्रित करने, देश की संपत्ति की रक्षा करने और कानून तथा व्यवस्था से संबंधित दायित्व भी दिये गए.चौवनवां संविधान संशोधनइस संशोधन से दूसरी अनुसूची के भाग 'डी’ में न्यायाधीशों की वेतन वृद्धि का अधिकार संसद को दिया गया.चवालीसवां संविधान संशोधनराष्ट्रीय आपात स्थिति लागू करने के लिये 'आंतरिक अशांति’ के स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह’ को आधार रखकर आपात स्थिति संबंधी अन्य प्रावधानों में परिवर्तन किया गया ताकि उनका दुरुपयोग न हो.
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🛡️ SANGOPANG ज्ञानकोष · संपादकीय समीक्षा: अक्टूबर 2026
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