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चवालीसवां संविधान संशोधन

44th Amendment of the Constitution of India · शासन व संस्थाएं

संविधानशासन व संस्थाएं
सार

राष्ट्रीय आपात स्थिति लागू करने के लिये 'आंतरिक अशांति’ के स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह’ को आधार रखकर आपात स्थिति संबंधी अन्य प्रावधानों में परिवर्तन किया गया ताकि उनका दुरुपयोग न हो.

वर्ष1978

विस्तार

1978 में किए गए इस संशोधन से संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों के भाग से हटाकर विधिक (कानूनी) अधिकारों की श्रेणी में रखा गया. लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं की अवधि 6 से घटाकर वापस 5 वर्ष कर दी गई. उच्चतम न्यायालय को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधी विवाद को हल करने की अधिकारिता प्रदान की गई.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

44 samvidhan sanshodhan44वां संशोधन

जुड़े विषय

पचासवां संविधान संशोधनअनुच्छेद 33 में संशोधन कर सैन्य सेवाओं की पूरक सेवाओं में कार्य करने वालों के लिये आवश्यक सूचनाएं एकत्रित करने, देश की संपत्ति की रक्षा करने और कानून तथा व्यवस्था से संबंधित दायित्व भी दिये गए.बयालीसवां संविधान संशोधनसंविधान में 1976 में किए गए बयालीसवें संशोधन से व्यापक परिवर्तन लाए गए, जिनमें से मुख्य निम्नलिखित थे- (क) संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी’, 'धर्मनिरपेक्ष’ व 'एकता’ और 'अखंडता’ आदि शब्द जोड़े गए.बावनवां संविधान संशोधनराजनीतिक दल-बदल पर अंकुश लगाने का लक्ष्य रखकर 1985 में यह संशोधन किया गया.इकतालीसवां संविधान संशोधन1976 में किए गए इस संशोधन से राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की सेवा मुक्ति की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई लेकिन संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों की सेवानिवृत्ति की अधिकतम आयु 65 वर्ष रहने दी गई.

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