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तैंतीसवां संविधान संशोधन

33rd Amendment of the Constitution of India · शासन व संस्थाएं

संविधानशासन व संस्थाएं
सार

संविधान में 1974 में किए गए तैंतीसवें संशोधन से संसद व विधान पालिकाओं के सदस्यों का दबाव में या जबरदस्ती इस्तीफा दिलाना अवैध घोषित किया गया.

वर्ष1974

विस्तार

साथ ही अध्यक्ष को यह अधिकार दिया गया कि वह सिर्फ स्वेच्छा से दिए गए व उचित त्याग पत्र को ही स्वीकार करे.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

33 samvidhan sanshodhan33वां संशोधन

जुड़े विषय

चौंतीसवां संविधान संशोधन1974 में हुए इस संशोधन में विभिन्न राज्यों द्वारा पारित बीस भू-सुधार अधिनियमों को नवीं अनुसूची में प्रवेश देकर उन्हें न्यायालय में संवैधानिक वैधता के परीक्षण से मुक्त किया गया.इकतीसवां संविधान संशोधन1973 में किए गए इस संशोधन से लोकसभा सदस्यों की संख्या 525 से 545 कर दी गई तथा केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व 25 से घटाकर 20 कर दिया गया.पैंतीसवां संविधान संशोधन1974 के संशोधन के अनुसार सिक्किम का संरक्षित राज्यों का दर्जा समाप्त कर उसे सम्बद्ध राज्य के रूप में भारत में शामिल किया गया.उनतीसवां संविधान संशोधनसंविधान में उनतीसवें संशोधन के रूप में 1972 में केरल भू-सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1969 तथा केरल भू-सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1971 को संविधान की नवीं अनुसूची में रख दिया गया, ताकि इसकी संवैधानिक वैधता को न्यायालय में चुनौती न दी जा सके.

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