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रंग दे बसंती

Rang De Basanti (2006) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

आज के दौर की अधिकतर फिल्में मल्टीप्ल्केस के युवा दर्शकों को ध्यान में रख कर बनायीं जाती है पर उनकी कहानी वही कॉलेज रोमांस, मौज मस्ती या फिर चुहलबाजी तक ही सीमित होती हैं.

प्रदर्शन वर्ष2006
निर्देशकराकेश ओमप्रकाश मेहरा
संगीतए.आर. रहमान

विस्तार

बहुत कम फिल्में ऐसी हैं जो सार्थक मनोरंजन देती हैं, कुछ सोचने पर मजबूर करती हैं. २००६ में प्रदर्शित निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म “रंग दे बसंती” ऐसी ही एक फिल्म थी जो आज के युवा वर्ग को ध्यान में रख कर बनायीं गयी थी पर बेहद संवेदनशील और विचारोत्तेजक फिल्म थी.

फिल्म का निर्माण राकेश ने यू टीवी के रॉनी स्क्रूवाला के साथ मिल कर किया था. फिल्म एक सवाल खड़ा करती थी कि क्या आज कि युवा पीढ़ी आजादी का सही मतलब समझती है ? क्या उसे शहीदों की कुर्बानियों की कीमत का अंदाजा है ? प्रयोगवादी अभिनेता आमिर खान, वहीदा रहमान, आर.

माधवन, शरमन जोशी, कुणाल कपूर, सिद्धार्थ, सोहा अली खान, अतुल कुलकर्णी, अनुपम खेर, ओम पुरी, लेख टंडन, किरण खेर, एलिस पैटन, स्टीवन मैकिन्टोश, सायरस साहूकार और मोहन अगाशे की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म की कहानी लिखी थी कमलेश पाण्डेय ने और स्क्रीनप्ले लिखा थे राकेश ओमप्रकाश मेहरा और रेंजिल डीसूजा ने. फिल्म का सुरों से गुलजार किया था ऐ.

आर. रहमान ने और शब्दों के मोती पिरोये थे प्रसून जोशी ने. फिल्म का संगीत युवा पीढ़ी को बहुत पसंद आया. “रंग दे बसंती”, “अपनी तो पाठशाला”, “रूबरू” और “लुका छिप्पी बहुत हुई” जैसे गीतों ने हर किसी को अपना दीवाना बना दिया. मेहरा के निर्देशन ने भी समीक्षकों को बेहद प्रभावित किया.

फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी हिट साबित हुई. सात फिल्मफेयर और सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म के राष्ट्रीय फिल्म के पुरस्कार के साथ इसने हर अवार्ड्स समारोह में ढेरों इनामों पर कब्जा जमाया. पर “रंग दे बसंती” का सबसे बड़ा ईनाम दर्शकों का प्यार था जो इसे दिल खोल कर मिला.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Rang De Basantirang de basanti filmअपनी तो पाठशाला

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