वर्तमान समय में जब नए फिल्मकार हिंदी फिल्मों में उन्मुक्तता और शालीनता की सीमायें लांघ रहे है तो ऐसे में साथ के दशक की फिल्मों की शालीनता और सरसता को परदे पर जिन्दा रखने वाले निर्देशकों में से एक नाम है निर्देशक करण जौहर.
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करण उन निर्देशकों में से एक हैं जिनकी फिल्में हमेशा दर्शकों के लिए स्वस्थ पारिवारिक मनोरंजन का जरिया रही हैं. 2001 में उनकी फिल्म “कभी खुशी कभी गम” ने भी प्रदर्शित होते ही दर्शकों के दिलों पर कब्जा कर लिया और सफलता के नए बनाए.
यश जौहर निर्मित और करण जौहर निर्देशित इस फिल्म की कहानी खुद करण जौहर ने लिखी और इसका स्क्रीनप्ले लिखा था शीना पारिख ने. फिल्म में बॉलीवुड के सभी नामवर सितारों ने काम किया.
अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शाहरुख खान, काजोल, ऋतिक रोशन, करीना कपूर, रानी मुखर्जी (मेहमान भूमिका में ), फरीदा जलाल, आलोक नाथ, जॉनी लीवर, सुषमा सेठ और अचला सचदेव की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म का संगीत जबरदस्त हिट हुआ.
आदेश श्रीवास्तव ( से शावा शावा सोनया ), जतिन-ललित ( शीर्षक गीत, “बोले चूड़ियां” और “ये लड़का हाय अल्लाह” ) और सन्देश शांडिल्य ( “सूरज हुआ मध्यम”, “कह दो ना यू आर माय सोनया” और “दीवाना है देखो” ) के संयुक्त प्रयासों से तैयार संगीत को बोल प्रदान किये समीर और अनिल पांडे ने.
फिल्म ने पांच फिल्मफेयर, तीन जी सिने अवार्ड्स और दो आईफा पुरस्कार जीते. ख्यातनाम सितारे, उम्दा संगीत, दिल को छू लेने वाले दृश्य और कुशल निर्देशन ने “कभी खुशी कभी गम” को हिंदी सिनेमा की पांच सबसे कामयाब फिल्मों में से एक बना दिया.
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