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नसीब

Naseeb (1981) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

फार्मूला फिल्मो के दिग्गज मनमोहन देसाई हिंदी सिने प्रेमियों की नब्ज पढना जानते थे.

प्रदर्शन वर्ष1981
निर्देशकमनमोहन देसाई
संगीतलक्ष्मीकांत-प्यारेलाल

विस्तार

उनकी फिल्मों में सबकुछ होता था - मिलना और बिछुड़ना, बेमिसाल दोस्ती, यारी के लिए प्यार की कुरबानी देने वाले आशिक, खतरनाक बदमाश और उन बदमाशों की हर चाल को नाकाम कर देने वाला हरफनमौला नायक.

सन 1981 में प्रदर्शित हुई उनकी फिल्म “नसीब” में ये सब कुछ था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के सभी कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया. उस समय हर एक वितरण क्षेत्र में से एक करोड़ का व्यवसाय करने वाली चुनिन्दा फिल्मों में से एक नसीब की कहनी प्रयागराज की थी और स्क्रीनप्ले लिखा था कादर खान और के.

के. शुक्ला ने. फिल्म का निर्माण और निर्देशन खुद मनमोहन देसाई ने किया था. अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, ऋषि कपूर, हेमा मालिनी और रीना रॉय जैसे अपने समय के कामयाब सितारों की स्टारकास्ट वाली इस फिल्म में अन्य मुख्य भूमिकाएं निभाई किम, ललिता पंवार, प्राण, अमजद खान, कादर खान, प्रेम चोपड़ा, शक्ति कपूर, अमरीश पूरी और जीवन ने.

फिल्म का संगीत बेहद कामयाब हुआ. “जिन्दगी इम्तिहान लेती है”, “मेरे नसीब में तू है के नहीं”, “रंग जमा के जायेंगे”, “पकड़ो पकड़ो पकड़ो”, “चल मेरे भाई” और “जोन जोनी जनार्दन” जैसे सुपरहिट गीतों को लिखा आनंद बक्षी ने और संगीत दिया था सदाबहार संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने.

“जोन जोनी जनार्दन” गीत में राज कपूर, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना, धर्मेन्द्र, विजय अरोड़ा, वहीदा रहमान, माला सिन्हा, शर्मीला टैगोर, बिंदु, सिम्मी ग्रेवाल और सिम्पल कपाडिया ने स्वयं की भूमिकाएं निभा कर अतिथि भूमिकाओं का एक नया चलन प्रारंभ किया. हालिया ब्लाकबस्टर “ओम शांति ओम” के एक गीत में यही प्रयोग फिर से दोहराया गया.

जबरदस्त स्टारकास्ट, हिट संगीत, लाजवाब कहानी और बेहतरीन निर्देशन ने “नसीब” को फिल्म इतिहास के पन्नो में एक कभी न भुलाई जा सकने वाली फिल्म के रूप में दर्ज करा दिया.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Naseebnaseeb filmजिन्दगी इम्तिहान लेती हैमेरे नसीब में तू है के नहीं

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