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दिल तो पागल है

Dil To Pagal Hai (1997) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

हिंदी फिल्मों के इतिहास में अगर कभी भी रोमांटिक फिल्मों का जिक्र छिड़ेगा तो यश चोपड़ा का नाम सबसे पहले लिया जाएगा.

प्रदर्शन वर्ष1997
निर्देशकयश चोपड़ा
संगीतउत्तम सिंह

विस्तार

प्रेम को सिनेमा के रुपहले परदे पर एक नयी परिभाषा देने वाले चोपड़ा ने एक से बढ़ कर एक सफल रोमांटिक फिल्में देकर हिंदी सिने दर्शकों को अपने फन का मुरीद बना लिया. “दिल तो पागल है” भी चोपड़ा की सफल फिल्मों की उसी कड़ी का एक हिस्सा है.

फिल्म की कहानी में राहुल (शाहरुख खान), पूजा (माधुरी दीक्षित) और निशा (करिश्मा कपूर ) के प्रेम त्रिकोण पर आधारित थी. फिल्म का निर्माण और निर्देशन किया था यश चोपड़ा ने और कहानी लिखने में यशजी का साथ दिया पामेला चोपड़ा और तनूजा चंद्रा ने. संवाद लिखे आदित्य चोपड़ा ने.

फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूर, अक्षय कुमार ( अतिथि भूमिका में ), फरीदा जलाल, देवन वर्मा, और अरुणा ईरानी ने. यश चोपड़ा की फिल्मों का संगीत हमेशा ही यादगार होता है और “दिल तो पागल है” का संगीत भी बेहद लोकप्रिय हुआ. आनंद बक्षी के अल्फाजों को सुरों में पिरोया उत्तम सिंह ने.

“दिल तो पागल है”, “इक दूजे के वास्ते”, “अरे रे अरे ये क्या हुआ”, “दिल ले गई ले गई”, “भोली सी सूरत आंखों में मस्ती”, “मुझको हुई न खबर” और “चांद ने कुछ कहा” जैसे कर्णप्रिय गीतों के जरिये उत्तम सिंह ने संगीत रसिकों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ संगीत प्रस्तुत किया.

सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म, सहायक अभिनेत्री और नृत्य निर्देशन के राष्ट्रीय पुरस्कार और दस जी सिने अवार्डस के साथ साथ फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ संगीत समेत सात फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम किये. फिल्म के गीत आज भी एफ. एम. रेडियो पर सबसे ज्यादा सुने जाते है.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Dil To Pagal Haidil to pagal hai filmअरे रे अरे ये क्या हुआदिल ले गई ले गईभोली सी सूरत

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