शरत चन्द्र चटोपाध्याय हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए एक जाना माना नाम है.
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बॉलीवुड में शरत बाबू की रचनाओं पर आधारित कई फिल्में बनायीं गई. बहुचर्चित “देवदास” के साथ साथ उनका उपन्यास “परिणीता” भी फिल्मकारों की पसंदीदा कहानियों में से एक रहा है.
वर्ष 1956 में विमल रॉय ने इस उपन्यास पर आधारित इसी नाम से फिल्म बनायीं तो वर्ष 2005 में निर्माता विधु विनोद चोपड़ा और निर्देशक प्रदीप सरकार ने “परिणीता” को सिनेमा के रजतपट पर उकेरा. फिल्म की कहानी शरत चन्द्र के उपन्यास पर आधारित थी और स्क्रीनप्ले लिखा विधु विनोद चोपड़ा और प्रदीप सरकार ने.
फिल्म के संवाद रेखा निगम के थे. फिल्म ने अपने प्रदर्शन के साथ ही ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी सफलता के झंडे गाड़ दिए. अपनी पहली ही फिल्म से निर्देशक सरकार ने दर्शकों के दिल जीत लिए.
फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई संजय दत्त, रेखा, सैफ अली खान, विद्या बालन (पहली फिल्म), दिया मिर्जा, राईमा सेन, सव्यसाची चक्रवर्ती, निनाद कामत और अच्युत पोतदार ने. फिल्म में अर्थपूर्ण गीत लिखने का जिम्मा उठाया स्वनानद किरकिरे ने और उन्हें मधुर सुरों में ढला शांतनु मोइत्रा ने.
“पियू बोले”, “कैसी है पहेली जिंदगानी” और “कस्तो मजा” जैसे गीत सनीत प्रेमियों को बेहद पसंद आये. प्रदीप सरकार ने “परिणीता” के लिए पहली फिल्म के निर्देशन का राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया और फिल्म ने पांच फिल्मफेयर समेत सभी नामी गिरामी पुरस्कारों पर कब्जा जमाया.
अपनी शानदार कहानी, मधुर संगीत और लाजवाब अभिनय के बल पर “परिणीता” दर्शकों के दिलों में हमेशा बसी रहेगी इसकी चमक कभी फीकी नहीं पड़ेगी.
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