हिंदी फिल्मोद्योग के सबसे प्रतिभावान और संभावनाशील निर्देशकों में विशाल भारद्वाज का नाम सबसे पहले लिया जाता है.
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सिने प्रेमियों को संगीतकार के रूप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद भारद्वाज ने निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा और “मकड़ी” और “मकबूल” के रूप में उनके पहले दोनों प्रयास बेहद सराहे गए. “मकबूल” दुनिया के प्रख्यात नाटककार विलियम शेक्सपीयर के विश्वविख्यात नाटक “मेकबेथ” पर आधारित थी.
उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उनकी अगली फिल्म “ओमकारा” में उन्होंने शेक्सपीयर के एक और सुप्रसिद्ध नाटक “ओथेलो” का भारतीय संस्करण प्रस्तुत किया. फिल्म में विशाल ने उत्तरप्रदेश की पृष्ठभूमि में इस विश्वविख्यात दुखान्तिका को इतनी खूबसूरती के साथ पेश किया की समीक्षक और दर्शकों दोनों ने फिल्म को बेहद पसंद किया.
फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखने में विशाल का साथ दिया रॉबिन भट्ट और अभिषेक चौबे ने. फिल्म के संवाद भी स्वयं विशाल ने लिखे. फिल्म में बॉलीवुड के नामी गिरामी कलाकारों ने अभिनय किया. नसीरुद्दीन शाह, अजय देवगन, करीना कपूर, सैफ अली खान, बिपाशा बासु, विवेक ओबेरॉय, कोंकना सेन शर्मा और दीपक डोबरियाल ने मुख्य भूमिकाएं निभाई.
फिल्म का संगीत बेहद कामयाब रहा. गुलजार के अर्थपूर्ण गीतों को सुरों से सजाया खुद विशाल भारद्वाज ने. “बीडी जलइले”, “नमक इश्क का”, “ओ साथी रे”, “नैना ठग लेंगे” और “ओमकारा” जैसे गीत संगीत रसिकों के दिलो दिमाग पे छा गए.
“ओमकारा” पर पुरस्कारों की बरसात हो गयी तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों के साथ फिल्म ने हर प्रसिद्ध अवार्ड पर कब्जा जमाया. फिल्म का संगीत, कसावट भरा स्क्रीनप्ले, शानदार अदाकारी और सबसे बढ़कर विशाल का बेहतरीन निर्देशन इसे एक अविस्मरनीय फिल्म बनाता है.
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