SANGOPANG

मुंबई मेरी जान

Mumbai Meri Jaan (2008) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

“ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां, जरा हट के, जरा बच के, ये है बॉम्बे मेरी जान” आंखों में सपने और दिलों में अरमान लिए लाखों लोगों की एक ही मंजिल है, मुंबई - सपनो का शहर, भारत की आर्थिक राजधानी.

प्रदर्शन वर्ष2008
निर्देशकनिशिकांत कामत
संगीतसमीर फतरफेकर

विस्तार

भारत की फिल्म नगरी जिसे बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है. इस मुंबई पर आतंक के सौदागरों की नापाक नजरें हमेशा से लगी रही है और यह शहर कई बार आतंकी हमलों का शिकार हुआ पर यहां के लोगों के जीवट के आगे आतंकी हमेशा ही हारे हैं.

वर्ष 2006 में मुंबई में लोकल ट्रेन्स में हुए सीरियल ब्लास्ट्स पर आधारित “मुंबई मेरी जान” मुंबई के उसी जज्बे को सलाम करती है. निर्देशक निशिकांत कामत ने अपनी पहली हिंदी फिल्म से ही समीक्षकों और दर्शकों को अपनी प्रतिभा का कायल बना दिया. यू टी. वी.

के रौनी स्क्रूवाला द्वारा निर्मित “मुंबई मेरी जान” रजत पट पर लिखी एक खूबसूरत कविता है. जिसे अदाकारों ने अपने संजीदा अभिनय से यादगार बना दिया है. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले लिखा योगेश विनायक जोशी और उपेन्द्र सिधाए ने. फिल्म का शीर्षक वर्ष 1956 में प्रदर्शित हुई फिल्म सी.आई.डी.

के मशहूर गीत “ये है बॉम्बे मेरी जान” से प्रेरित है.फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई परेश रावल, इरफान खान, के.के. मेनन, आर. माधवन, सोहा अली खान, आनंद गोराडिया, विजय मौर्या और समीर बापट ने. फिल्म का संगीत दिया समीर फतारफेकर ने.

“मुंबई मेरी जान” कलाकारों के कमाल के अभिनय के लिए हमेशा याद रखी जायेगी, इरफान खान, परेश रावल और सोहा अली खान ने फिल्म में इतना हृदयस्पर्शी अभिनय किया है की हॉल से बाहर आने वाले हर दर्शक की आंखें नम हो जाती हैं. फिल्म को एक राष्ट्रीय और तीन फिल्मफेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुए.

वर्ष 2008 में प्रदर्शित हुई फिल्म हालांकि उतनी व्यावसायिक सफलता हासिल नहीं कर पायी पर अपने विषय और उसके प्रस्तुतिकरण के कारण फिल्म हमेशा सिने प्रेमियों को याद रहेगी.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Mumbai Meri Jaanmumbai meri jaan film

जुड़े विषय

विवाहमल्टीप्लेक्सों की बढती संख्या और लोकप्रियता के साथ ही हिंदी फिल्मकारों ने अपनी फिल्मों महानगरों के दर्शकों को ध्यान में रख कर बनानी शुरू कर दी ऐसे में जब राजश्री प्रोडक्शनस ने अरेंज्ड मैरिज के विषय पर आधारित फिल्म “विवाह” को वर्ष 2006 में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया तो फिल्म उद्योग के जानकारों की इसकी सफलता पर संदेह था पर दर्शकों ने फिल्म को हाथों हाथ लिया और फिल्म 2006 की ही नहीं बल्कि हिंदी फिल्म इतिहास के सबसे कामयाब फिल्मों में से एक साबित हुई.ओमकाराहिंदी फिल्मोद्योग के सबसे प्रतिभावान और संभावनाशील निर्देशकों में विशाल भारद्वाज का नाम सबसे पहले लिया जाता है.सारांशनिर्देशक महेश भट्ट, उन चुनिन्दा निर्देशकों में से एक है जो अपनी फिल्मों में बड़े सितारों की बजाय अच्छी कहानी को ज्यादा महत्व देते हैं.राजनीतिनिर्माता-निर्देशक प्रकाश झा की यह फिल्म भारतीय राजनीति की एक जीवंत तस्वीर दर्शकों के सामने रखती है.

🧠 अब GK में परखें

🛡️ SANGOPANG ज्ञानकोष · संपादकीय समीक्षा: अक्टूबर 2026
कोई त्रुटि/विसंगति हो तो कृपया बताएं!