हिंदी फिल्म उद्योग में नाग और नागिन को केंद्र में रख कर कई लोकप्रिय फिल्में बनी है.
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राजकुमार कोहली की सत्तर के दशक की मल्टीस्टारर फिल्म “नागिन” से बहुत पहले सन 1954 में निर्माता महेंद्र शाह और निर्देशक नन्दलाल जसवंतलाल की फिल्म “नागिन” ने अपने प्रदर्शन के साथ ही दर्शकों के मन को मोह लिया था.
दो दुश्मन आदिवासी कबीलों के दो प्रेमियों की प्रेम कहानी पर आधारित “नागिन” की कहानी बिजॉय भट्टाचार्य ने लिखी और स्क्रीनप्ले लिखा हमीद बट ने. संवादों का जिम्मा उठाया राजेंद्र कृष्ण और रखन ने. फिल्म के गीत लिखे राजेंद्र कृष्ण ने और संगीत दिया हेमंत कुमार ने. फिल्म के सभी गीत बेहद लोकप्रिय हुए.
“मन डोले मेरा तन डोले”, “जादूगर सैयां छोडो मोरी बैयां”, “मेरा दिल ये पुकारे आजा”, “ले मैं तेरे वास्ते” “तेरे द्वार खड़ा एक जोगी” और “मेरा बदली में छुप गया चांद रे” जैसे गीतों ने संगीत प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया. फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में थे प्रदीप कुमार, वैजयंती माला, जीवन, रूबी मेयर, मुबारक, रामअवतार, एस. एल.
पूरी, कृष्ण कुमारी, कमल, और आई. एस. जौहर. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर आशातीत सफलता हासिल की और सन साल की सबसे कामयाब फिल्म होने का गौरव पाया. फिल्म 50 के दशक की सबसे कामयाब दस फिल्मों में से भी एक है.
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