सत्तर के दशक की क्लासिक फिल्म “आनंद” से प्रेरित निर्माता यश जौहर और करण जौहर की फिल्म “कल हो ना हो” के जरिये निखिल आडवानी ने हिंदी फिल्म जगत में निर्देशक के रूप में अपना पहला कदम रखा.
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यश जौहर की निर्माता के रूप में आखिरी फिल्म “कल हो ना हो” में उन्होंने अपने बेटे करण के सहायक रह चुके आडवानी को अपनी प्रतिभा दिखने का अवसर दिया और निखिल ये मौका नहीं चूके. फिल्म ने प्रदर्शन के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता का परचम लहरा दिया.
न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी फिल्म को बेहद पसंद किया गया. फिल्म की कहानी व स्क्रीनप्ले करण जौहर ने खुद लिखा और संवाद लिखे निरंजन आयंगर ने.
फिल्म में करण के पसंदीदा शाहरुख खान ने मुख्य भूमिका निभाई और उनका साथ दिया सैफ अली खान, प्रीति जिंटा, जया बच्चन, सोनाली बेंद्रे, संजय कपूर, दारा सिंह, सुषमा सेठ, सतीश शाह, रीमा लागू, लिलेट दुबे, दिलनाज पॉल, राजपाल यादव, केतकी दवे, सुलभा आर्य और सिमोन सिंह ने.
फिल्म का संगीत दिया संगीतकार त्रयी शंकर-एहसान-लॉय ने और गीत लिखे जावेद अख्तर ने. फिल्म के संगीत ने सफलता के सभी रेकॉर्ड्स तोड़ दिए. “कल हो ना”, “प्रिटी वूमेन”, “कुछ तो हुआ है”, “इट्स द टाइम टू डिस्को” और “माही वे” जैसे गीतों ने सर्वश्रेष्ठ संगीत का राष्ट्रीय और फिल्मफेयर पुरस्कार शंकर-एहसान-लॉय के नाम कर दिया.
इसी फिल्म के शीर्षक गीत के लिए सोनू निगम को भी सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ. फिल्म ने सात फिल्मफेयर समेत सभी नामी अवार्ड्स पर कब्जा जमाया.
शानदार स्क्रीनप्ले, उम्दा अभिनय और बेहद कामयाब संगीत के बल पर “कल हो ना हो” ने दर्शकों को अपने जादू में ऐसा बांधा की यह वर्ष 2003 की दूसरी सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई.
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