हिंदी फिल्मों में देशभक्ति और मनोज कुमार एक दूसरे के पर्यायवाची माने जाते हैं.
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“शहीद”, “उपकार”, “पूरब और पश्चिम” और “रोटी कपडा और मकान” जैसी फिल्मों के जरिये मनोज कुमार ने भारतीय दर्शकों के दिल में अपने लिए एक विशेष स्थान बना लिया.
सन 1981 में प्रदर्शित हुई उनकी मल्टी स्टारर फिल्म “क्रांति” को भी सिने प्रेमियों ने खूब प्यार दिया और दमदार संवादों, बेहतरीन अभिनय और कर्णप्रिय संगीत ने “क्रांति” को 1981 की सबसे कामयाब फिल्मों में शामिल कर दिया.
क्रांति 19 वीं सदी की एक काल्पनिक कहानी पर आधारित थी जिसमे नायक ( दिलीप कुमार और मनोज कुमार ) अंग्रेजी हुक्मरानों से लोहा लेते हैं और देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हैं. फिल्म की कहानी लिखी थी सलीम-जावेद ने और निर्माण और निर्देशन किया था स्वयं मनोज कुमार ने.
शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी, परवीन बॉबी, सारिका, निरूपा रॉय, प्रदीप कुमार, प्रेम चोपड़ा, मदन पुरी और टॉम आल्टर ने फिल्म में अन्य मुख्य किरदार निभाए. इस फिल्म से “ट्रेजडी किंग” दिलीप कुमार ने पांच वर्षों के अंतराल के बाद फिल्मों में वापिस कदम रखा था.
फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया और गीत लिखे थे संतोष आनंद और मनोज कुमार ने. फिल्म के संगीत ने जबरदस्त सफलता हासिल की. “जिन्दगी की न टूटे लड़ी”, “अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे” और “चना जोर गरम” जैसे गीतों ने संगीत प्रेमियों को अपना दीवाना बना दिया.
“क्रांति” निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार की सबसे सफल फिल्मों में से एक है.
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