SANGOPANG

उपकार

Upkar (1967) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

मनोज कुमार और देशभक्ति फिल्में एक दूसरे का पर्याय माने जाते हैं.

प्रदर्शन वर्ष1967
निर्देशकमनोज कुमार
संगीतकल्याणजी-आनंदजी

विस्तार

हिंदी सिने प्रेमी मनोज कुमार को “भारत” के नाम से जानते हैं और इस सिलसिले की शुरूआत हुई 1967 में प्रदर्शित फिल्म उपकार से.

तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के “जय जवान जय किसान” के नारे पर आधारित इस फिल्म से मनोज कुमार ने निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा और उनके पहले ही प्रयास में सफलता ने उनके कदम चूमे. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खासी सफलता हासिल की और दर्शकों ने मनोज कुमार के नए अवतार “भारत” को हाथो हाथ लिया.

फिल्म का निर्माण किया हरकिशन आर. मीरचंदानी ने. इस फिल्म से पहले खलनायक के रूप में प्रसिद्ध अभिनेता प्राण ने भी पहली बार इसी फिल्म में फकीर की बहुप्रशंसित चरित्र भूमिका निभाई. फिल्म का संगीत कल्याणजी -आनंदजी ने दिया और गीत लिखे थे कमर जलालाबादी, इन्दीवर, गुलशन बावरा और प्रेम धवन ने. फिल्म का संगीत अत्यंत लोकप्रिय हुआ.

कौन भूल सकता है “मेरे देश की धरती”, “कसमे वादे प्यार वफा सब” और “दीवानों से ये मत पूछो” जैसे सदाबहार गीतों को. मनोज कुमार, आशा पारेख, प्राण, कन्हैया लाल, कामिनी कौशल, मदन पुरी, प्रेम चोपड़ा, डेविड, असित सेन और टुन टुन ने फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई.

फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक समेत छः फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीते. महेंद्र कपूर को “मेरे देश की धरती” गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जब कभी भी देशभक्ति पर आधारित फिल्मों का जिक्र होता है तो उपकार का नाम सबसे पहले लिया जाता है.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Upkarupkar film

जुड़े विषय

क्रांतिहिंदी फिल्मों में देशभक्ति और मनोज कुमार एक दूसरे के पर्यायवाची माने जाते हैं.चक दे! इंडियाभारत में खेलों पर आधारित फिल्मे बहुत कम बनी है और जो थोड़ी बहुत फिल्में बनी भी है तो वो सभी क्रिकेट पर केन्द्रित थी ऐसे में महिला हॉकी पर आधारित एक फिल्म बनाना बहुत जोखिम से भरा काम था पर लेखक जयदीप साहनी और निर्देशक शिमित अमीन किसी और ही मिट्टी के बने हुए थे.कुछ कुछ होता हैकॉलेज के रोमांस और दोस्ती और प्यार को केंद्र में रख कर बनी इस फिल्म को नौजवानों ने हाथो हाथ लिया.तारे जमीन परआमिर खान एक अभिनेता के रूप में तो अपना लोहा मनवा चुके हैं पर इस गजब के अभिनेता में एक बेहद संवेदनशील निर्देशक भी छुपा बैठा था इसका पता सिने प्रेमियों को लगा 2007 में जब उनके द्वारा निर्देशित यह फिल्म सिनेमाघरों में पहुंची.

🧠 अब GK में परखें

🛡️ SANGOPANG ज्ञानकोष · संपादकीय समीक्षा: अक्टूबर 2026
कोई त्रुटि/विसंगति हो तो कृपया बताएं!