कहो ना प्यार है “रोशन परिवार” हिंदी फिल्म जगत के उन गिने चुने परिवारों में से एक है जिसकी तीन पीढियां फिल्मों से जुडी हुई हैं.
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संगीतकार रोशन की गौरवशाली विरासत को उनके बेटों राकेश रोशन ( अभिनेता और निर्देशक ) और राजेश रोशन ( संगीतकार ) ने आगे बढाया. रोशन परिवार की तीसरी पीढ़ी यानी राकेश रोशन के पुत्र ऋतिक रोशन ने वर्ष 2000 में फिल्मोद्योग में “कहो ना प्यार है” के जरिये अपना पहले कदम रखा.
फिल्म का निर्माण और निर्देशन उनके पिता राकेश रोशन ने किया. फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया और बॉक्स ऑफिस पर इसके नाम की धूम मच गयी. फिल्म की कहानी स्वयं राकेश रोशन ने लिखी जबकि संवाद सागर सरहदी ने और स्क्रीनप्ले हनी ईरानी और रवि कपूर ने मिल कर लिखा. फिल्म में ऋतिक ने दोहरी भूमिकाएं निभाई.
अन्य मुख्य भूमिकाओं में थी अमीश पटेल ( पहली फिल्म ) और अनुपम खेर, आशीष विद्यार्थी, दिलीप ताहिल, मोहनीश बहल, तनाज करीम, फरीदा जलाल, सतीश शाह, जॉनी लीवर और व्रिजेश हीरजी ने. फिल्म के गीत जबरदस्त हिट हुए.
“कहो ना प्यार है”, “चांद सितारे”, “क्यों चलती है पवन”, “इक पल का जीना” और “प्यार की कश्ती में” जैसे मधुर गानों को सुरों में ढाला राजेश रोशन ने और बोल लिखे इब्राहीम अश्क, सावन कुमार टाक और विजय अकेला ने.
फिल्म का संगीत इतना अधिक कामयाब हुआ की 25 वर्षो के बाद राजेश रोशन ने इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीता. ऋतिक रोशन ने फिल्मफेयर इतिहास में ऐसे पहला अभिनेता बने जिन्होंने वर्ष का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का पुरस्कार अपने नाम किया. इनके सहित फिल्म को कुल आठ फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हुए.
इस फिल्म ने हिंदी फिल्म जगत को एक बेहद प्रतिभावान अभिनेता और आने वाले कल का सुपर सितारा दिया.
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