अनुराग कश्यप उन चुनिन्दा संभावनाशील सृजनकारों में से हैं जिन्होंने अपने अलग अंदाज से थोड़े ही समय में हिंदी फिल्म जगत में अपने लिए एक खास मुकाम हासिल किया है.
विस्तार
उनका सिनेमा परी कथाओं और यश चोपड़ा की रूमानी दुनिया से परे कडवी सच्चाइयों और फरेब और मक्कारी से भरी इस दुनिया के भयावह चेहरे को पूरी ईमानदारी से दर्शकों के सामने प्रस्तुत करता है. इसकी एक बानगी हमें “गुलाल” में देखने को मिलती है.
छात्र राजनीति और राजपरिवारों की तथाकथित तख्तापलट के विषय पर आधारित इस फिल्म में दर्शकों को एक बेहद वीभत्स और षड्यंत्रकारी दुनिया का नजारा देखने को मिला. वर्ष 2009 में प्रदर्शित “गुलाल” की कहानी लिखी राज सिंह चौधरी, अनुराग कश्यप, अपर्णा मल्होत्रा और संजय मौर्य ने. फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई के. के.
मेनन, राज सिंह चौधरी, जेस्सी रंधावा, माही गिल, दीपक डोभरियाल, अभिमन्यु सिंह, आदित्य श्रीवास्तव, महेश भट्ट, पीयूष मिश्रा, आयशा मोहन, सीमा रहमान और ज्योति डोगरा ने. फिल्म के गीत और संगीत का जिम्मा उठाया पीयूष मिश्रा ने. “आरम्भ है” और “राणा जी” जैसे गीत काफी पसंद किये गए.
साहिर लुधयानवी को श्रद्धांजलि के रूप में उनके गीत “ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है” को पीयूष ने एक नए अंदाज में फिल्म में प्रस्तुत किया.
“गुलाल” हालांकि बॉक्स ऑफिस पर बड़ा करिश्मा नहीं कर पायी पर अपनी दमदार कहानी, शानदार अभिनय और बेहतरीन निर्देशन के दम पर फिल्म दर्शकों के दिलों पर एक अमिट छाप छोडती है.
दूसरे नाम और खोज-शब्द
जुड़े विषय
🧠 अब GK में परखें
🛡️ SANGOPANG ज्ञानकोष · संपादकीय समीक्षा: अक्टूबर 2026
कोई त्रुटि/विसंगति हो तो कृपया बताएं!
