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धरम वीर

Dharam Veer (1977) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

हिंदी फिल्म इतिहास में दोस्ती पर आधारित फिल्मों की कमी नहीं है पर “धरम वीर” का नाम सिने प्रेमी कभी नहीं भूल सकते.

प्रदर्शन वर्ष1977
निर्देशकमनमोहन देसाई
संगीतलक्ष्मीकांत-प्यारेलाल

विस्तार

निर्माता निर्देशक मनमोहन देसाई की इस ब्लॉक बस्टर की कहानी लिखी श्रीमती जीवनप्रभा एम. देसाई और पुष्प शर्मा ने. संवाद कादर खान के थे और स्क्रीनप्ले लिखा था प्रयागराज ने. धरम ( धर्मेन्द्र ) और वीर ( जीतेंद्र ) की अटूट दोस्ती की कहानी कहती इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता की नयी कहानी लिख डाली.

जहां धरम एक गरीब लुहार का बेटा है तो वीर एक राजकुमार है, धरम एक जांबाज योद्धा है तो वीर दिलेर लड़ाका, धरम को प्यार होता है एक राजकुमारी से तो वीर का दिल आता है एक तेजतर्रार बंजारन पर. यह अनोखी दोस्ती दर्शकों के दिलों को भा गयी और फिल्म सन 1977 की दूसरी सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई.

( पहली फिल्म भी मनमोहन देसाई निर्देशित “अमर अकबर एंथनी” थी ). धर्मेद्र, जीतेंद्र, जीनत अमान, नीतू सिंह, प्राण, इन्द्राणी मुखर्जी, रणजीत, जीवन, सुजीत कुमार और बॉबी देओल (बाल कलाकार के रूप में ) ने फिल्म में मुख्य भूमिकाएं अदा की. फिल्म का संगीत दिया था लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने और गीत लिखे थे आनंद बक्षी ने.

फिल्म का संगीत भी फिल्म की तरह बहुत कामयाब हुआ, खासतौर से “सात अजूबे इस दुनिया में”, “मैं गलियों का राजा” और “ओ मेरी महबूबा” गीत बेहद पसंद किये गए. फिल्म के जबरदस्त एक्शन, दमदार संवादों और हिट संगीत ने इसे सत्तर के दशक की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक बना दिया.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Dharam Veerdharam veer filmओ मेरी महबूबासात अजूबे इस दुनिया में

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