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अनमोल घड़ी

Anmol Ghadi (1946) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

निर्देशक महबूब खान हिंदी फिल्म इतिहास के उन चुनिन्दा नामों में से एक है जिन्हें व्यवसायिक सफलता और आलोचकों की सराहना दोनों एक साथ प्राप्त हुई.

प्रदर्शन वर्ष1946
निर्देशकमहबूब खान
संगीतनौशाद

विस्तार

सन 1946 में प्रदर्शित हुई खान की फिल्म “अनमोल घड़ी” उस वर्ष की सबसे कामयाब फिल्म रही. फिल्म का निर्माण किया था स्वयं महबूब खान ने. “अनमोल घडी” की कहानी लिखी अनवर बटालवी ने और स्क्रीनप्ले और संवाद लिखे आगा जानी कश्मीरी ने. “अनमोल घड़ी” की कहानी अमीर नायिका और गरीब नायक के असफल प्यार की दास्तां थी.

फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई सुरेन्द्र, सुरैया, नूरजहां, जहूर रजा, मुराद, लीला मिश्रा, अमीर बानो, भुदो अडवाणी और नूर महल ने. फिल्म के गीत लिखे तनवीर नकवी ने और कभी न भूलने वाला संगीत दिया नौशाद ने.

“आवाज दे कहां है”, “आजा मेरी बर्बाद मोहब्बत के सहारे”, जवां है मोहब्बत हसीं है जमाना “,” मेरे बचपन के साथी “जैसे गीत भारतीय फिल्म संगीत की अनमोल विरासत हैं. इसी फिल्म से मोहम्मद रफी को एक पार्श्व गायक के रूप में पहली बड़ी कामयाबी मिली. फिल्म में गाया उनका गीत” तेरा खिलौना टूटा “बेहद लोकप्रिय हुआ.

इसे प्रदर्शित हुए इतना समय बीत गया पर” अनमोल घड़ी " आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Anmol Ghadianmol ghadi filmतेरा खिलौना टूटाआवाज दे कहां है

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