हिंदी मसाला फिल्मों के पितृ पुरुष मनमोहन देसाई की सबसे सफल यह फिल्म हिंदी फिल्मों की आकाशगंगा में ध्रुव तारे के समान चमकती है.
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अपने बेहद कामयाब और आजमाए हुए “खोया-पाया”फार्मूले को इस फिल्म में मनमोहन देसाई ने बेहद खूबसूरती के साथ इस्तेमाल किया है.अमर ( विनोद खन्ना ), अकबर ( ऋषि कपूर ) और एंथोनी ( अमिताभ बच्चन ) के किरदारों के जरिये देसाई ने साम्प्रदायिक समरसता के सन्देश देते हुए देसाई ने हिंदी फिल्म इतिहास की सबसे सफल फिल्मों में से एक रच डाली.
शबाना आजमी, परवीन बॉबी, नीतू सिंह, निरूपा रॉय, प्राण, जीवन, रणजीत, मुकरी और नजीर हुसैन ने फिल्म में अन्य अहम् किरदार निभाए. सन 1977 में प्रदर्शित हुई अमर अकबर एंथोनी के गीत लिखे थे आनंद बक्षी ने और इसका रिकार्ड तोड़ संगीत दिया थे लक्ष्मीकान्त - प्यारेलाल ने.
“माय नेम इज एंथोनी गोंसाल्विस”, “पर्दा है पर्दा”, “शिर्डीवाले साईं बाबा” और “अनहोनी को होनी कर दें” जैसे गीत आज भी संगीत प्रेमियों को थिरकने पे मजबूर कर देते हैं.
“हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें” गीत उन कुछ चुनिन्दा गीतों में से है जिसमे हिंदी फिल्म संगीत की त्रिमूर्ति ( मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और मुकेश ) ने एक साथ स्वर दिया है. फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता ( अमिताभ बच्चन ) और सर्वश्रेष्ठ संगीत सहित तीन फिल्मफेयर पुरस्कार जीते.
अगर आपको बॉलीवुड को समझाना है तो यह फिल्म तो देखनी ही पड़ेगी साहब.
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