भारत का ऐसे तेज गेंदबाज जो नयी गेंद को स्विंग और पुरानी गेंद को रिवर्स स्विंग करा लेता है.
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उनका अपनी गेंदबाजी पर काफी अच्छा नियंत्रण था और 2006 में इंग्लिश काउंटी वारेस्टरशर की तरफ से खेलने के बाद तो उनकी गेंदबाजी में गजब का निखार देखने को मिला. इसके बाद से वह पिछले लगभग छह साल से भारतीय गेंदबाजी के अगुआ की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं.
यह अलग बात है कि प्रत्येक तेज गेंदबाज की तरह जहीर को भी चोटों से जूझना पड़ा है जिसके कारण उन्हें जब तब टीम से बाहर भी होना पड़ा. जहीर ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत 2000 में की थी. उन्होंने शुरू में जवागल श्रीनाथ के सहयोगी की भूमिका निभायी और 2004 तक टीम के नियमित सदस्य बने रहे.
इसके बाद चोटिल होने के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में वापसी की जबकि उसी साल के आखिर में दक्षिण अफ्रीकी दौरे में तीन मैच में 13 विकेट हासिल किये. उन्होंने 2009 में न्यूजीलैंड दौरे और इसके एक साल बाद बांग्लादेश दौरे में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया.
भारत 2011- 12 के आस्ट्रेलिया दौरे में जब बुरी तरह जूझ रहा था तब जहीर ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया तथा चार मैच में 15 विकेट लिये थे. जहीर का जन्म सात अक्तूबर 1978 को महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में हुआ था.
बायें हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 92 टेस्ट मैच में 311 विकेट और 200 एकदिवसीय मैचों में 282 विकेट लिये. अक्तूबर 2015 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया.
