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मंडी

Mandi (1983) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

श्याम बेनेगल का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है.

प्रदर्शन वर्ष1983
निर्देशकश्याम बेनेगल
संगीतवनराज भाटिया

विस्तार

हिंदी कला फिल्मों के अग्रणी निर्देशकों में से एक बेनेगल ने हिंदी सिनेमा को एक नयी दिशा प्रदान की. वर्ष 1983 में प्रदर्शित फिल्म “मंडी” बेनेगल के निर्देशकीय हुनर का एक बेहतरीन नमूना है. पाकिस्तानी लेखक गुलाम अब्बास की एक लघुकथा पर आधारित “मंडी” का निर्माण किया ललित एम. बिजलानी और फ्रेनी वरिआवा ने.

फिल्म का स्क्रीनप्ले श्याम बेनेगल ने शमा जैदी और सत्यदेव दुबे के साथ मिल कर लिखा और फिल्म के संवाद लिखे सत्यदेव दुबे ने. फिल्म की कहानी एक वेश्यालय और उसमें रहने वाली तवायफों के जरिये समाज के दोमुंहेपन पर एक करार व्यंग्य थी. फिल्म में कला फिल्मों के धुरंधर कलाकारों ने काम किया.

शबाना आजमी, स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह, कुलभूषण खरबंदा, ओम पुरी, अमरीश पुरी, सईद जाफरी, नीना गुप्ता, सोनी राजदान, अनीता कंवर, रत्ना पाठक, हरीश पटेल, पंकज कपूर और सतीश कौशिक ने फिल्म में दर्शकों को अपने अभिनय से मंत्रमुग्ध कर दिया.

फिल्म में मीर तकी मीर, बहादुर शाह जफर, इंशा, मखदूम मोहिउदीन और सरवर डांडा की लिखी नज्मों का इस्तेमाल किया गया और संगीत दिया बेनेगल के पसंदीदा संगीतकार वनराज भाटिया ने. “मंडी” में शबाना आजमी, नसीरूदीन शाह और स्मिता पाटिल ने अविस्मरनीय अभिनय किया. फिल्म में कला निर्देशन के लिए नितीश रॉय को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया.

बेनेगल के निर्देशन के एक नायाब तोहफा जो दर्शकों को कभी नहीं भूलेगा.

दूसरे नाम और खोज-शब्द

MandiMandi movie

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