भारत छोडो आंदोलन की पृष्ठभूमि में एक प्रेम कहानी के अनोखे विचार पर आधारित “1942 ए लव स्टोरी” एक बेहद खूबसूरत फिल्म है.
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वर्ष 1994 में प्रदर्शित प्रतिभाशाली निर्माता-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास व्यवसाय नहीं किया पर कलाप्रेमी दर्शकों और फिल्म पंडितों को फिल्म बेहद पसंद आई. फिल्म की कहानी लिखने में विधु विनोद चोपड़ा का साथ दिया कामना चंद्रा और शिवकुमार सुब्रमनियम ने.
फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा विधु विनोद चोपड़ा, संजय लीला भंसाली और शिवकुमार सुब्रमनियम ने. फिल्म के संवाद कामना चंद्रा के थे. फिल्म में अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, मनीषा कोइराला, अनुपम खेर, रघुवीर यादव, मनोहर सिंह, डैनी, प्राण, चांदनी, सुषमा सेठ, ब्रायन ग्लोवर, शक्ति सिंह और प्रमोद माउथो ने मुख्य भूमिकाएं निभाई. फिल्म का सबसे उज्जवल पक्ष था इसका संगीत.
दिग्गज संगीतकार आर. डी. बर्मन ने अपनी सुरीली धुनों से संगीत के स्वर्ण युग की यादें ताजा करा दी. मदहोश कर देने वाले संगीत को शब्द दिए जावेद अख्तर ने.
“एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा”, “कुछ ना कहो कुछ भी ना कहो”, “रिमझिम रिमझिम रुनझुन रुनझुन”, “प्यार हुआ चुपके से”, “रूठ ना जाना तुमसे कहूं तो”, “ये सफर बहुत है कठिन मगर” जैसे गीत सुनने वालों को किसी दूसरी दुनिया में ले जाते हैं.
फिल्म ने फिल्मफेयर पुरस्कारों में अपनी धाक जमाते हुए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ संगीतकार, सर्वश्रेष्ठ गीतकार, सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक और गायिका समेत कुल नौ पुरस्कार अपने नाम किये. विनोद प्रधान की खूबसूरत फोटोग्राफी ने फिल्म की सुन्दरता में चार चांद लगा दिए.
बेहतरीन अभिनय, लाजवाब संगीत और कमाल का निर्देशन- ये सब मिलकर “1942 ऐ लव स्टोरी” को एक यादगार फिल्म बनाते हैं.
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