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भूत

Bhoot (2003) · सिनेमा

फिल्मसिनेमा
सार

हॉलीवुड में डरावनी फिल्में बेहद कामयाब रही है और इनका अपना एक खास दर्शक वर्ग है.

प्रदर्शन वर्ष2003
निर्देशकराम गोपाल वर्मा
संगीतसलीम-सुलेमान

विस्तार

उन्नत तकनीक और बेहतरीन ध्वनि प्रभावों के तालमेल से ये फिल्में दर्शकों को हमेशा से अपनी और आकर्षित करती रही हैं. भारत में भी ऐसी फिल्में लम्बे समय से बनायीं जा रही है पर दर्शकों को सदा एक शिकायत रहती है कि गुणवत्ता के मामले में हिंदी फिल्में, हॉलीवुड की फिल्मों के सामने कहीं नहीं ठहरती.

मगर वर्ष 2003 में प्रदर्शित निर्माता नितिन मनमोहन व रोहित कुमार और निर्देशक रामगोपाल वर्मा की फिल्म “भूत” दर्शकों के लिए एक सुखद आश्चर्य की तरह थी.

पहली बार एक ऐसी भूतहा फिल्म जिसमे डर पैदा करने के लिए बड़े बड़े दांतों वाले पिशाच और रक्त पिपासु चुडैलें नहीं थी, फिल्म में भय पैदा करने के लिए ध्वनि और प्रकाश प्रभावों का बेहद खूबसूरती से इस्तेमाल किया गया. फिल्म की कहानी लिखी ललित मराठे और समीर शर्मा ने.

फिल्म में रेखा, नाना पाटेकर, अजय देवगन, फरदीन खान, उर्मिला मातोंडकर, सीमा बिस्वास, विक्टर बैनर्जी, तनूजा, सबीर मसानी, बरखा मदन, मास्टर अक्षित, अमर तलवार और राजेन्द्र सेठी मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर औसत से अधिक व्यवसाय किया.

फिल्म में कोई गीत नहीं था पर फिल्म के पार्श्वसंगीत ने फिल्म में भय का वातावरण बनाने और फिल्म को कामयाब बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सलीम-सुलेमान की संगीतकार जोड़ी के पार्श्वसंगीत ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए. अपने अनूठे ध्वनि प्रयोगों के लिए उन्हें स्क्रीन और जी सिने अवार्ड्स भी प्राप्त हुए.

“भूत” ने हिंदी सिनेमा में हॉरर फिल्मों की एक नयी और सफल श्रृंखला की शुरुआत की. वर्मा की प्रयोगधर्मिता का एक बेहतरीन उदाहरण “भूत” सिने प्रेमियों को हमेशा डराती रहेगी

दूसरे नाम और खोज-शब्द

Bhootbhoot film

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