लंबे और छरहरे बदन के दायें हाथ के बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर ने अपने कैरियर के शुरू में कई बार पारी का आगाज किया लेकिन बाद में वह नियमित तौर पर नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिये आने लगे.
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उनकी टाइमिंग गजब की थी और वह बड़े ही उम्दा तरीके से ड्राइव, ग्लान्स और हुक लगाया करते थे. लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की अपनी क्षमता के कारण वह भारत की तरफ से 116 टेस्ट मैच खेलने में सफल रहे. उन्होंने 185 टेस्ट पारियों में 42.13 की औसत से 6868 रन बनाये जिसमें 17 शतक शामिल हैं.
इसके अलावा वेंगसरकर ने 129 एकदिवसीय मैचों में 34.73 की औसत से 3508 रन बनाये हैं. कर्नल के उपनाम से मशहूर वेंगसरकर का जन्म छह अप्रैल 1956 को महाराष्ट्र के राजापुर में हुआ था. उनके नाम पर क्रिकेट के मक्का लार्डस पर लगातार तीन शतक जड़ने का अनोखा रिकार्ड दर्ज है.
भारत ने यदि 1986 की श्रृंखला में इंग्लैंड को उसकी सरजमीं पर हराया तो उसका काफी श्रेय वेंगसरकर को जाता है. तब उन्होंने तीन टेस्ट मैच में 360 रन बनाये थे. इससे पहले 1983-84 में जब वेस्टइंडीज की टीम भारत आयी थी तब वेंगसरकर ने उसके खौफनाक गेंदबाजों का डटकर सामना किया था.
उन्होंने तब 53.12 की औसत से 425 रन बनाये थे जिसमें दो शतक शामिल थे. वेंगसरकर ने दस टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कमान भी संभाली. वह बाद में भारतीय चयनसमिति के अध्यक्ष और मुंबई क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष भी रहे.
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