सत्रह मई 1945 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे भगवत चंद्रशेखर की गणना दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर में की जाती है.
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वह लंबे समय तक विदेशी सरजमीं पर भी भारत के मैच विजेता बने रहे. चंद्रा के नाम से मशहूर चंद्रशेखर को भले ही दुनिया का सबसे खराब बल्लेबाज कहा जा सकता है लेकिन गेंदबाजी में उनका कोई सानी नहीं था. भारत को उन्होंने कई याद्गार लम्हें दिलाये.
विशेषकर भारत ने 1971 में इंग्लैंड की सरजमीं पर आेवल में जब पहला टेस्ट मैच जीता तो चंद्रशेखर ने दूसरी पारी में 38 रन देकर छह विकेट लिये थे. उन्होंने 1978 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में 104 रन देकर 12 विकेट लिये और टीम को जीत दिलायी.
चंद्रा जब पांच साल के थे तब उनके दायें हाथ में पोलियो हो गया था जो उनके लिये उपयोगी साबित हुआ. उनकी गुगली और टाप स्पिन काफी खतरनाक होती थी जबकि वह काफी तेजी से लेग ब्रेक कराते थे. इंग्लैंड की टीम 1972-73 में जब भारतीय दौरे पर आयी तो चंद्रशेखर ने पांच टेस्ट मैच में 35 विकेट लिये.
उन्होंने 1977-78 के आस्ट्रेलिया दौरे में पांच मैच में 28 विकेट चटकाये थे. चंद्रशेखर ने कुल 58 टेस्ट मैच खेले जिनमें उन्होंने 29.74 की औसत से 242 विकेट लिये. उन्होंने 16 बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट तथा दो बार मैच में दस या इससे अधिक विकेट लिये.
चंद्रशेखर ने इसके अलावा 246 प्रथम श्रेणी मैच में 1063 विकेट हासिल किये. वह ऐसे क्रिकेटर रहे जिन्होंने अपने करियर में जितने रन बनाये उससे अधिक विकेट हासिल किये.
