राजकुमार हीरानी एक ऐसे निर्देशक माने जाते हैं जिनकी फिल्मों में सार्थक मनोरंजन के साथ साथ जीवनोपयोगी सन्देश भी छुपे होते हैं.
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जब हीरानी, निर्माता विधु विनोद चोपड़ा और अभिनेता आमिर खान एक साथ हों तो दर्शकों का उस फिल्म से उम्मीद लगाना लाजमी हो जाता है और “थ्री ईडियट्स” में दिग्गजों की यह जुगलबंदी दर्शकों के लिए एक यादगार तोहफा ले कर आई. फिल्म का मुख्य विचार था की “कामयाबी के पीछे मत भागो, काबिल बनो कामयाबी आपके पीछे भागेगी”.
आज की रटंत आधारित शिक्षा प्रणाली पर करारी चोट करती इस फिल्म ने सिने प्रेमियों के दिलों को छू लिया. ऐसा नहीं था की फिल्म में केवल उपदेश ही थे, इसमें दर्शकों के लिए भरपूर मनोरंजन और बेहद कामयाब संगीत भी था.
2009 में प्रदर्शित हुई इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर ऐसी आंधी चली की बड़े बड़े वट वृक्ष उखड गए. यह अपने समय की सबसे कामयाब भारतीय फिल्म बनी. आमिर खान, करीना कपूर, आर. माधवन, शरमन जोशी, बोमन ईरानी, मोना सिंह, ओमी वैद्य, परीक्षित साहनी और जावेद जाफरी ने फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई.
फिल्म का संगीत शांतनु मोइत्रा ने दिया और गीत लिखे स्वानंद किरकिरे ने. इसके गीत बहुत पसंद किये गए खास तौर पर “ऑल इज वैल”. फिल्म की कहानी लिखी अभिजात जोशी और राजकुमार हिरानी ने और यह चेतन भगत की पुस्तक “फाईव पॉइंट सम वन” पर आधारित है.
तीन राष्ट्रीय पुरस्कार, छह फिल्मफेयर और 16 आइफा पुरस्कार जीत कर फिल्म ने पुरस्कारों की झड़ी लगा दी. फिल्म ने ताईवान और हांगकांग जैसे गैर हिंदी भाषी देशों में भी अप्रतिम कामयाबी हासिल की.
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