हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार रामदरश मिश्र का जन्म 15 अगस्त 1924 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के डुमरी गांव में हुआ.
विस्तार
उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमए और पीएचडी की. 1956 में वह बड़ौदा के सयाजीराव गायकवाड़ विश्वविद्यालय में प्राध्यापक बने और 1964 में दिल्ली विश्वविद्यालय आए, जहां से 1990 में प्रोफेसर के रूप में सेवानिवृत्त हुए.
उन्होंने कविता, कहानी, उपन्यास, आलोचना, संस्मरण और यात्रा वृत्तांत, सभी विधाओं में लिखा. “पानी के प्राचीर”, “जल टूटता हुआ” और “अपने लोग” उनके चर्चित उपन्यास हैं. कविता संग्रह “आम के पत्ते” के लिए उन्हें 2011 का व्यास सम्मान, “आग की हंसी” के लिए 2015 का साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2021 का सरस्वती सम्मान मिला.
दूसरे नाम और खोज-शब्द
जुड़े विषय
🧠 अब GK में परखें
🛡️ SANGOPANG ज्ञानकोष · संपादकीय समीक्षा: अक्टूबर 2026
कोई त्रुटि/विसंगति हो तो कृपया बताएं!
