पहले केंद्रीय बजट में सरकारी खर्च को दो हिस्सों में बांटा जाता था: योजनागत व्यय, यानी पंचवर्षीय योजनाओं से जुड़ा खर्च, और गैर-योजनागत व्यय, जैसे ब्याज, पेंशन, रक्षा और वेतन.
विस्तार
2017-18 के बजट से यह बंटवारा खत्म कर दिया गया. अब खर्च को मुख्य रूप से राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में बांटा जाता है.
दूसरे नाम और खोज-शब्द
जुड़े विषय
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी किसी देश में तय अवधि, आमतौर पर एक साल में पैदा हुई सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाजार मूल्य है.लोक ऋण (सार्वजनिक ऋण)सरकार द्वारा अपने खर्च पूरे करने के लिए लिया गया कर्ज लोक ऋण या सार्वजनिक ऋण कहलाता है.सकल राष्ट्रीय उत्पाद (जीएनपी)सकल राष्ट्रीय उत्पाद का इस्तेमाल भी राष्ट्रीय आय लेखांकन में किया जाता है.ट्रेजरी बिलट्रेजरी बिल केंद्र सरकार की ओर से अल्पकालिक कर्ज लेने के लिए जारी किए जाने वाले बिल हैं, जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक नीलाम करता है.
🧠 अब GK में परखें
🛡️ SANGOPANG ज्ञानकोष · संपादकीय समीक्षा: अक्टूबर 2026
कोई त्रुटि/विसंगति हो तो कृपया बताएं!
