यामिनी कृष्णमूर्ति (1940-2024) भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी की प्रख्यात नृत्यांगना थीं.
विस्तार
उनका जन्म 20 दिसंबर 1940 को आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में हुआ. उन्होंने रुक्मिणी देवी अरुंडेल के कलाक्षेत्र में भरतनाट्यम सीखा और कुचिपुड़ी व ओडिसी में भी प्रशिक्षण लिया. उन्हें पद्मश्री (1968), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1977), पद्म भूषण (2001) और पद्म विभूषण (2016) से सम्मानित किया गया. उनकी आत्मकथा “ए पैशन फॉर डांस” है.
तीन अगस्त 2024 को उनका निधन हुआ.
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रुक्मिणी देवी अरुंडेलरुक्मिणी देवी अरुंडेल (1904-1986) भरतनाट्यम की प्रख्यात नृत्यांगना थीं, जिन्हें इस नृत्य शैली को नई प्रतिष्ठा दिलाने का श्रेय दिया जाता है.शोवना नारायणशोवना नारायण प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना हैं, जिन्होंने बिरजू महाराज से कथक सीखा.उदय शंकरउदय शंकर (1900-1977) को भारत में आधुनिक नृत्य का प्रणेता माना जाता है.प्रोतिमा गौरी बेदीप्रोतिमा गौरी बेदी (1948-1998) ओडिसी की प्रसिद्ध नृत्यांगना थीं, जिन्होंने बेंगलुरु के पास नृत्यग्राम की स्थापना की.
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