रुक्मिणी देवी अरुंडेल (1904-1986) भरतनाट्यम की प्रख्यात नृत्यांगना थीं, जिन्हें इस नृत्य शैली को नई प्रतिष्ठा दिलाने का श्रेय दिया जाता है.
विस्तार
उनका जन्म 29 फरवरी 1904 को मदुरै में हुआ. उनका परिवार एनी बेसेंट के थियोसोफिकल आंदोलन से प्रभावित था. 1936 में उन्होंने चेन्नई में कलाक्षेत्र की स्थापना की. 1952 में वह राज्यसभा के लिए मनोनीत होने वाली पहली महिला बनीं. उन्हें 1956 में पद्म भूषण और 1967 में संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप मिली. 24 फरवरी 1986 को उनका निधन हुआ.
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