वैट यानी मूल्य वर्धित कर एक अप्रत्यक्ष कर है, जो उत्पादन से लेकर बिक्री तक हर चरण पर सिर्फ उस चरण में जुड़े मूल्य पर लगता है.
विस्तार
यह वस्तु की बिक्री कीमत और उसके कच्चे माल की लागत के अंतर पर लगाया जाता है, और इसका बोझ अंत में उपभोक्ता पर पड़ता है. भारत में राज्यों ने 2005 से वैट लागू करना शुरू किया. एक जुलाई 2017 से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने ज्यादातर वस्तुओं पर वैट की जगह ले ली.
पेट्रोल-डीजल और शराब जैसी कुछ चीजों पर राज्य अब भी वैट लगाते हैं.
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