सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 नागरिकों को सरकारी विभागों से जानकारी मांगने का कानूनी अधिकार देता है.
विस्तार
यह कानून 12 अक्तूबर 2005 से लागू हुआ. आवेदन के 30 दिन के भीतर जानकारी देना संबंधित लोक सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी है. गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को आवेदन शुल्क नहीं देना होता. पहले यह जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं था, पर 2019 के बाद वहां भी लागू हो गया.
कानून के पालन की निगरानी केंद्रीय सूचना आयोग और राज्य सूचना आयोग करते हैं.
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