संसद में प्रश्न काल के ठीक बाद का समय शून्य काल कहलाता है, जिसमें सदस्य बिना पहले से तय सूचना के तात्कालिक और महत्वपूर्ण मामले उठाते हैं.
विस्तार
संसद की प्रक्रिया और कार्य-संचालन नियमों में शून्य काल का औपचारिक उल्लेख नहीं है. लोकसभा में यह आमतौर पर दोपहर 12 बजे शुरू होता है, इसलिए समाचार पत्रों ने इसे “शून्य काल” नाम दिया. राज्यसभा में 2014 से शून्य काल सुबह 11 बजे और प्रश्न काल दोपहर 12 बजे होता है.
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