प्रत्याभूत ऋणपत्र या सिक्योरड डिबेंचर ऐसे ऋणपत्रों या हुंडियों में जारी करने वाली कंपनी की संपत्ति में प्रभाव होता है.
विस्तार
इसलिए इन्हें अधिक सुरक्षित माना जाता क्योंकि इनका भुगतान सुरक्षित होता है.
ये डिबेंचर दो प्रकार के चल प्रभाव तथा निश्चित प्रभाव के होते हैं. चल प्रभाव की स्थिति में किसी निश्चित संपत्ति पर प्रभाव नहीं होता बल्कि केवल कंपनी के समापन की स्थिति में इन डिबेंचरों को भुगतान में प्राथमिकता मिलती है. निश्चित प्रभाव की स्थिति में डिबेंचरों का कंपनी की किसी निश्चित सम्पत्ति में प्रभाव होता है.
ऐसी संपत्ति को कंपनी न तो बेच सकती है और न ही हस्तांतरित कर सकती है.
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परिवर्तनशील ऋणपत्रइन ऋण पत्र में कंपनी धारकों को विकल्प देती हैं कि वे किसी निश्चित अवधि के अंदर अपने ऋण पत्र को कंपनी के शेयर में बदलवा सकते हैं.धारक ऋणपत्रधारक ऋणपत्र या बेरर/बियरर डिबेंचर का हस्तांतरण केवल सुपुर्दगी से हो जाता है.हंग अपजब किसी शेयर का भाव किसी निवेशक के खरीदे गए भाव से काफी नीचे चला जाता है तथा ऐसी स्थिति में अधिक घाटा उठाकर शेयर बेचने के बदले वह निवेशक भविष्य में उसके भाव बढने की आशा में अपने शेयरों को रखता है तो ऐसी स्थिति को हंग अप कहा जाता है.शेयर सर्टिफिकेटयह वो प्रमाण पत्र है जो कंपनी के मुहर से शेयरधारक के नाम जारी किया जाता है.
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