मूल प्रस्ताव अपने आप में पूरा प्रस्ताव होता है, जिसे सदन की मंजूरी के लिए इस तरह रखा जाता है कि उससे सदन का फैसला व्यक्त हो सके.
विस्तार
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव, अविश्वास प्रस्ताव, लोकसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के चुनाव या हटाने का प्रस्ताव और विशेषाधिकार प्रस्ताव मूल प्रस्ताव के उदाहरण हैं. मूल प्रस्ताव के बदले में रखा गया विकल्प स्थानापन्न प्रस्ताव कहलाता है, और कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए रखा गया प्रस्ताव अनुषंगी प्रस्ताव.
जिस स्वीकृत प्रस्ताव पर चर्चा का दिन तय न हो, उसे अनियमित दिन वाला प्रस्ताव कहते हैं.
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विशेषाधिकार हनन प्रस्तावजब किसी सदस्य को लगे कि सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार का उल्लंघन हुआ है, तो वह विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव ला सकता है.विश्वास प्रस्तावजब सरकार के बहुमत पर संदेह हो, तो सरकार खुद लोकसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करके बहुमत साबित करती है.अध्यादेशसंसद का सत्र न चल रहा हो और तुरंत कानून की जरूरत हो, तो राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश जारी कर सकते हैं.अविश्वास प्रस्तावलोकसभा में मंत्रिपरिषद के प्रति अविश्वास जताने वाला प्रस्ताव अविश्वास प्रस्ताव कहलाता है. आमतौर पर इसे विपक्ष लाता है.
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