जिस गेंदबाज का एक्शन संदिग्ध हो या जो गेंद थ्रो करता हो.
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गांवों में इसे भाटा यानी पत्थर फेंकने वाली गेंदबाजी भी कहा जाता है. या यूं भी कहते हैं कि यह बालिंग नहीं थ्रो कर रहा है. इसमें गेंदबाज हाथ को सही सही घुमाता नहीं है या ऐसा लगता है.
मुरलीधरन से लेकर ब्रेट ली और हरभजन सिंह तक अनेक गेंदबाजों पर थ्रोइंग के लिए शक किया गया है उनके एक्शन की जांच भी हुई, पर अंत में उन्हें गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिली.
