सारहाथ और औजारों से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए सहायता योजना.
क्या मिलता है
पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र, कौशल प्रशिक्षण और प्रशिक्षण के दौरान भत्ता, औजारों के लिए ₹15,000 तक का ई-वाउचर, और बिना गारंटी के रियायती कर्ज: पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे में ₹2 लाख तक. डिजिटल लेनदेन और मार्केटिंग में भी मदद मिलती है.
किसे मिलेगा
बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, दर्जी, नाई, धोबी जैसे 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर.
आवेदन कैसे करें
नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से पंजीकरण कराएं.
सावधान रहेंसरकारी योजनाओं के लिए पैसे मांगने वाले फोन, संदेश या लिंक से सावधान रहें, और अपना ओटीपी किसी को न बताएं. आवेदन सिर्फ आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत केंद्र से करें.
स्रोत: आधिकारिक पोर्टल · नियम, राशि और तारीखें बदल सकती हैं, आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल जरूर देखें. कोई त्रुटि/विसंगति हो तो कृपया बताएं!
