सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-90) में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत सालाना रही जबकि इसके लिए लक्ष्य 5 प्रतिशत का था.
विस्तार
योजना में प्रति व्यक्ति आय में 3.6 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से वृद्धि हुई. जवाहर रोजगार योजना जैसी महत्वपूर्ण रोजगारपरक कार्यक्रम प्रारंभ किये गए.
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य समग्र रूप से उत्पादकता बढाना तथा रोजगार के अधिक अवसर जुटाना, सामाजिक व आर्थिक असमानताओं को कम करना तथा देशी तकनीकी विकास के लिए सुदृढ़ आधार तैयार करना था.
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आठवीं पंचवर्षीय योजनाआठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-97) में ‘मानव संसाधन का विकास’ अर्थात् रोजगार, शिक्षा व जनस्वास्थ्य को शीर्ष प्राथमिकता दी गई.छठी पंचवर्षीय योजनाछठी पंचवर्षीय योजना (1980-85) का मुख्य उद्देश्य गरीबी उन्मूलन और रोजगार में वृद्धि था.नौवीं पंचवर्षीय योजनानौवीं पंचवर्षीय योजना (1997- 2002) को वृद्धि दर लक्ष्य के हिसाब से सफल योजना नहीं कहा जा सकता क्योंकि इस दौरान जीडीपी विकास दर 5.5 प्रतिशत रही जबकि इसके लिए लक्ष्य साढे छह प्रतिशत का था.पांचवीं पंचवर्षीय योजनापांचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-78) योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी उन्मूलन तथा आत्मनिर्भरता की प्राप्ति थी.
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