आचार्य चरक द्वारा रचित यह ग्रंथ आठ भागों में विभाजित है.
विस्तार
इसमें 120 अध्याय हैं. इसे आयुर्वेद के सिद्धांतों का पूर्ण ग्रंथ कहा जाता है क्योंकि इसमें आयुर्वेद के सभी सिद्धांत हैं.
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आचार्य चरकचरक संहिता के रचयिता आचार्य चरक आयुर्वेद के विद्वान थे.भाई वीर सिंहभाई वीर सिंह को आधुनिक पंजाबी साहित्य का जनक माना जाता है.सुंदरी (उपन्यास)पंजाबी का यह ऐतिहासिक उपन्यास भाई वीर सिंह ने लिखा है.त्रावणकोर बहनेंतिरूवनंतपुरम के एक जमींदार के घर जन्मीं ललिता, पद्मिनी व रागिनी को त्रावणकोर बहनें या त्रावणकोर सिस्टर्स के नाम से जाना जाता है.
